पडद्याचा खेळ!

पर्दों की बुनाई छूटती जा रहीं हैं,उस कमरें में हूई मोहब्बत बूढ़ी हो रही हैं। वो दोनों अभी भी साथ…

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यादें सफर की।

एक बस (bus) जिसे कदर हैं हर सिसक की।जो हकदार हैं कई सच्ची कहानियों की।कितने लाजमी सपनों की, कितने प्यार…

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हे सत्य तुम्हाला पचेल का?

बाहेरून या समाजाचा खेळ पहायचा असेल तर ‘ही’ सिरीज भारतातील प्रत्येकाला रिलेट करेल. इतकं क्रिस्टल सत्य मांडण्याची ताकद चित्रपटांमध्ये आली…

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किताब मिलने के बाद लिखना जरूर…।

आज के दौर का मुसन्निफ़ (राइटर) पूछने की हिम्मत करता हैं, कहता हैं… कल किसी अजनबी के हाथों पर मेरी…

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मोहब्बत की सुनवाई।

तुमने कहाँ मैने सुना, तुमने फिर कहाँ मैने फिर सुना।ऐसे ही तुम कहते गये, मैं सुनती गयी।मैं सुनती गयी, तुम…

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झेड़ ब्रिज की संध्या ।

हम मिले थे दोनों मुठा के किनारे झेड ब्रिज के ऊपर। एक हड़बड़ाहट थी और कई बातें। कॉलेज खत्म होने…

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