‘खुद’ का सूरज जरूर बनेगी ।

उसके उड़ान का हौसला बन तू, उसके फैसले की वजह बन तू। उसे मुमबत्ती की लौ ना समझ, पत्थर चीरने…

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झेड़ ब्रिज की संध्या ।

हम मिले थे दोनों मुठा के किनारे झेड ब्रिज के ऊपर। एक हड़बड़ाहट थी और कई बातें। कॉलेज खत्म होने…

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